Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1902 पारण समय 06:08–14:38, बुध 19 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में जया एकादशी 1902 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 19 फ़रवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 18 फ़रवरी
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06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 19 फ़रवरी
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06:08–14:38पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में जया एकादशी मंगल 18 फ़रवरी को क्यों है?
जया एकादशी मंगल 18 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:40 सोम से 16:33 तक।
एकादशी 16:33 मंगल पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 18 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:01: मंगल 18 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:40 सोम पर, उससे (04:25–06:01) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 19 फ़रवरी, 06:08–14:38
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 18 फ़रवरी 16:33 से बुध 19 फ़रवरी 14:32 तक है; हरिवासर 22:03 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 19 फ़रवरी को सूर्योदय (06:01) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:33 तक, करते हैं।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।