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दिफ्फा, नाइजर में जन्माष्टमी 2039 गुरु 11 अगस्त या शुक्र 12 अगस्त

त्योहार · समय WAT में

दिफ्फा में जन्माष्टमी 2039 कब है?

स्मार्त

गुरुवार 11 अगस्त

वैष्णव

शुक्रवार 12 अगस्त

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

दिफ्फा में गुरु 11 अगस्त का पूरा पंचांग

जन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

स्मार्त · गुरुवार 11 अगस्त

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:52 गुरु–00:37 शुक्र
45 मि

वैष्णव · शुक्रवार 12 अगस्त

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:51 शुक्र–00:37 शनि
46 मि
Tithika में खोलेंजन्माष्टमी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

दिफ्फा में जन्माष्टमी गुरु 11 अगस्त या शुक्र 12 अगस्त को क्यों है?

स्मार्त · जन्माष्टमी गुरु 11 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।

निशीथ काल में सप्तमी; अष्टमी 07:33 गुरु से।

पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 23:52–00:37 शुक्र। अष्टमी: 07:33 से 09:45 शुक्र तक।

अष्टमी 09:45 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

स्मार्त

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी गुरु 11 अगस्त को 07:33 से शुक्र 12 अगस्त को 09:45 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:52–00:37 शुक्र) उसके भीतर है।

वैष्णव

वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: शुक्र 12 अगस्त को सूर्योदय (05:56) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।

नियम

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।

स्मार्त
वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।