Pāthardi, महाराष्ट्र में जन्माष्टमी 2036 गुरु 14 अगस्त या शुक्र 15 अगस्त
महाराष्ट्र, भारत
त्योहार · समय IST में
Pāthardi में जन्माष्टमी 2036 कब है?
स्मार्त
गुरुवार 14 अगस्त
वैष्णव
शुक्रवार 15 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
Pāthardi में गुरु 14 अगस्त का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · गुरुवार 14 अगस्त
वैष्णव · शुक्रवार 15 अगस्त
Pāthardi में जन्माष्टमी गुरु 14 अगस्त या शुक्र 15 अगस्त को क्यों है?
स्मार्त · जन्माष्टमी गुरु 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 00:11 शुक्र–00:56 शुक्र। अष्टमी: 19:19 से 18:42 शुक्र तक।
अष्टमी 18:42 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी गुरु 14 अगस्त को 19:19 से शुक्र 15 अगस्त को 18:42 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (00:11 शुक्र–00:56 शुक्र) उसके भीतर है।
वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: शुक्र 15 अगस्त को सूर्योदय (06:10) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।