दिफ्फा, नाइजर में जन्माष्टमी 2034 निशीथ पूजा मुहूर्त 23:44–00:31 बुध, मंगल 5 सितंबर
त्योहार · समय WAT में
दिफ्फा में जन्माष्टमी 2034 कब है?
मंगलवार 5 सितंबर
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
दिफ्फा में मंगल 5 सितंबर का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
दिफ्फा में जन्माष्टमी मंगल 5 सितंबर को क्यों है?
जन्माष्टमी मंगल 5 सितंबर को है: अष्टमी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और बाद का दिन लिया जाता है।
निशीथ काल में सप्तमी; अष्टमी 01:48 मंगल से। अष्टमी: 01:48 मंगल से 23:37 मंगल तक।
अष्टमी 23:37 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी। अष्टमी: 01:48 से 23:37 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी मंगल 5 सितंबर को 01:48 से मंगल 5 सितंबर को 23:37 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब धर्मसिंधु बाद का दिन लेता है: मंगल 5 सितंबर। हर मत यही दिन लेता है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।