साटली, अज़रबैजान में जन्माष्टमी 2025 शुक्र 15 अगस्त या शनि 16 अगस्त
त्योहार · समय UTC+4 में
साटली में जन्माष्टमी 2025 कब है?
स्मार्त
शुक्रवार 15 अगस्त
वैष्णव
शनिवार 16 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
साटली में शुक्र 15 अगस्त का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · शुक्रवार 15 अगस्त
वैष्णव · शनिवार 16 अगस्त
साटली में जन्माष्टमी शुक्र 15 अगस्त या शनि 16 अगस्त को क्यों है?
स्मार्त · जन्माष्टमी शुक्र 15 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 00:30 शनि–01:11 शनि। अष्टमी: 22:20 से 20:05 शनि तक।
अष्टमी 20:05 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी शुक्र 15 अगस्त को 22:20 से शनि 16 अगस्त को 20:05 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (00:30 शनि–01:11 शनि) उसके भीतर है।
वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: शनि 16 अगस्त को सूर्योदय (05:59) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।