दिफ्फा, नाइजर में जन्माष्टमी 2021 रवि 29 अगस्त या सोम 30 अगस्त
त्योहार · समय WAT में
दिफ्फा में जन्माष्टमी 2021 कब है?
स्मार्त
रविवार 29 अगस्त
वैष्णव
सोमवार 30 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
दिफ्फा में रवि 29 अगस्त का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · रविवार 29 अगस्त
वैष्णव · सोमवार 30 अगस्त
दिफ्फा में जन्माष्टमी रवि 29 अगस्त या सोम 30 अगस्त को क्यों है?
स्मार्त · जन्माष्टमी रवि 29 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 23:47–00:33 सोम। अष्टमी: 18:55 से 21:30 सोम तक।
अष्टमी 21:30 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी। अष्टमी: 18:55 रवि से 21:30 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी रवि 29 अगस्त को 18:55 से सोम 30 अगस्त को 21:30 तक है, इसलिए केवल रविवार की रात का निशीथ काल (23:47–00:33 सोम) उसके भीतर है।
वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: सोम 30 अगस्त को सूर्योदय (05:58) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।