Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जन्माष्टमी 1928 गुरु 6 सितंबर या शुक्र 7 सितंबर
त्योहार · समय UTC−3 में
Ipameri में जन्माष्टमी 1928 कब है?
स्मार्त
गुरुवार 6 सितंबर
वैष्णव
शुक्रवार 7 सितंबर
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 6 सितंबर का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · गुरुवार 6 सितंबर
वैष्णव · शुक्रवार 7 सितंबर
Ipameri में जन्माष्टमी गुरु 6 सितंबर या शुक्र 7 सितंबर को क्यों है?
स्मार्त · जन्माष्टमी गुरु 6 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
निशीथ काल में सप्तमी; अष्टमी 08:37 गुरु से।
पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 23:46–00:35 शुक्र। अष्टमी: 08:37 से 06:34 शुक्र तक।
अष्टमी 06:34 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी गुरु 6 सितंबर को 08:37 से शुक्र 7 सितंबर को 06:34 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:46–00:35 शुक्र) उसके भीतर है।
वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: शुक्र 7 सितंबर को सूर्योदय (06:15) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।