Pāthardi, महाराष्ट्र में जन्माष्टमी 1920 रवि 5 सितंबर या सोम 6 सितंबर
महाराष्ट्र, भारत
त्योहार · समय IST में
Pāthardi में जन्माष्टमी 1920 कब है?
स्मार्त
रविवार 5 सितंबर
वैष्णव
सोमवार 6 सितंबर
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
Pāthardi में रवि 5 सितंबर का पूरा पंचांगजन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · रविवार 5 सितंबर
वैष्णव · सोमवार 6 सितंबर
Pāthardi में जन्माष्टमी रवि 5 सितंबर या सोम 6 सितंबर को क्यों है?
स्मार्त · जन्माष्टमी रवि 5 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।
पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 00:04 सोम–00:51 सोम। अष्टमी: 13:32 से 11:32 सोम तक।
अष्टमी 11:32 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी रवि 5 सितंबर को 13:32 से सोम 6 सितंबर को 11:32 तक है, इसलिए केवल रविवार की रात का निशीथ काल (00:04 सोम–00:51 सोम) उसके भीतर है।
वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: सोम 6 सितंबर को सूर्योदय (06:14) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)
कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।