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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जन्माष्टमी 1912 मंगल 3 सितंबर या बुध 4 सितंबर

त्योहार · समय UTC−3 में

Ipameri में जन्माष्टमी 1912 कब है?

स्मार्त

मंगलवार 3 सितंबर

वैष्णव

बुधवार 4 सितंबर

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

Ipameri में मंगल 3 सितंबर का पूरा पंचांग

जन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

स्मार्त · मंगलवार 3 सितंबर

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:47 मंगल–00:36 बुध
49 मि

वैष्णव · बुधवार 4 सितंबर

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:47 बुध–00:35 गुरु
48 मि
Tithika में खोलेंजन्माष्टमी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में जन्माष्टमी मंगल 3 सितंबर या बुध 4 सितंबर को क्यों है?

स्मार्त · जन्माष्टमी मंगल 3 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।

पूरे निशीथ काल में अष्टमी, 23:40–00:29 बुध। अष्टमी: 22:51 से 21:32 बुध तक।

अष्टमी 21:32 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी। अष्टमी: 22:51 मंगल से 21:32 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

स्मार्त

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी मंगल 3 सितंबर को 22:51 से बुध 4 सितंबर को 21:32 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:40–00:29 बुध) उसके भीतर है।

वैष्णव

वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: बुध 4 सितंबर को सूर्योदय (06:11) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।

नियम

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।

स्मार्त
वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।