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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जन्माष्टमी 1910 शुक्र 26 अगस्त या शनि 27 अगस्त

त्योहार · समय UTC−3 में

Ipameri में जन्माष्टमी 1910 कब है?

स्मार्त

शुक्रवार 26 अगस्त

वैष्णव

शनिवार 27 अगस्त

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

Ipameri में शुक्र 26 अगस्त का पूरा पंचांग

जन्माष्टमी निशीथ पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

स्मार्त · शुक्रवार 26 अगस्त

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:49 शुक्र–00:39 शनि
50 मि

वैष्णव · शनिवार 27 अगस्त

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:49 शनि–00:38 रवि
49 मि
Tithika में खोलेंजन्माष्टमी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में जन्माष्टमी शुक्र 26 अगस्त या शनि 27 अगस्त को क्यों है?

स्मार्त · जन्माष्टमी शुक्र 26 अगस्त को है: उस रात अष्टमी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।

निशीथ काल में सप्तमी 00:28 शनि तक; फिर अष्टमी। अष्टमी: 00:28 शनि से 22:26 शनि तक।

अष्टमी 22:26 पर समाप्त; निशीथ काल में नवमी। अष्टमी: 00:28 से 22:26 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

स्मार्त

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी शनि 27 अगस्त को 00:28 से शनि 27 अगस्त को 22:26 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार की रात के निशीथ काल (23:43–00:32 शनि) को छूती है।

वैष्णव

वैष्णव जन्माष्टमी ऐसी तिथि पर मनाते हैं जिसे सप्तमी विद्ध न करे: शनि 27 अगस्त को सूर्योदय (06:17) पर अष्टमी है। वैष्णव नियम को सूर्योदय से पढ़ना Tithika की परिपाटी है।

नियम

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण अष्टमी (अमान्त)

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त।

स्मार्त
वह रात जिसके निशीथ काल में अष्टमी हो; दोनों दिन छुए या किसी दिन न छुए तो बाद वाला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
वह अष्टमी जिसे सप्तमी विद्ध न करे, सूर्योदय पर देखी गई: Tithika की परिपाटी।