Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में इंदिरा एकादशी 2079 पारण समय 04:26–04:49, शुक्र 22 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में इंदिरा एकादशी 2079 कब है?
गुरुवार 21 सितंबर
आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 21 सितंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 22 सितंबर
इंदिरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 21 सितंबर
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06:03व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 22 सितंबर
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04:26–04:49पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में इंदिरा एकादशी गुरु 21 सितंबर को क्यों है?
इंदिरा एकादशी गुरु 21 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:49 से। एकादशी: 08:49 से 06:43 गुरु तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:49 बुध से 06:43 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 21 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:03: गुरु 21 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:49 बुध पर, उससे (04:27–06:03) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 22 सितंबर, 04:26–04:49 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शुक्र 22 सितंबर को 04:49 पर, अरुणोदय (04:26) लगने के बाद और सूर्योदय (06:02) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।