tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में इंदिरा एकादशी 2066 पारण समय 06:07⁠–⁠09:28, गुरु 16 सितंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में इंदिरा एकादशी 2066 कब है?

बुधवार 15 सितंबर

आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में बुध 15 सितंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

गुरुवार 16 सितंबर

पारण समय
06:07–09:28
3 घं 21 मि

इंदिरा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • बुधवार 15 सितंबर
  • 06:08व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 16 सितंबर
  • 06:07–09:28पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंइंदिरा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में इंदिरा एकादशी बुध 15 सितंबर को क्यों है?

इंदिरा एकादशी बुध 15 सितंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी 05:39 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:39 से 07:49 बुध तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:39 मंगल से 07:49 तक।

द्वादशी: 07:49 बुध से 09:28 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 14 सितंबर को 06:08 और बुध 15 सितंबर को 06:08। एकादशी (मंगल 14 सितंबर 05:39 से बुध 15 सितंबर 07:49 तक) और द्वादशी (बुध 15 सितंबर 07:49 से गुरु 16 सितंबर 09:28 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 15 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: मंगल 14 सितंबर को दशमी 05:39 तक है, उसके भीतर (04:32–06:08); बुध 15 सितंबर को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · गुरु 16 सितंबर, 06:07–09:28

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 15 सितंबर 07:49 से गुरु 16 सितंबर 09:28 तक है; हरिवासर 14:13 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 16 सितंबर को सूर्योदय (06:07) से होता है।

नियम

आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।