tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में इंदिरा एकादशी 1973 पारण समय 06:01⁠–⁠15:43, रवि 23 सितंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में इंदिरा एकादशी 1973 कब है?

शनिवार 22 सितंबर

आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शनि 22 सितंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 23 सितंबर

पारण समय
06:01–15:43
9 घं 42 मि

इंदिरा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शनिवार 22 सितंबर
  • 06:02व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 23 सितंबर
  • 06:01–15:43पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंइंदिरा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में इंदिरा एकादशी शनि 22 सितंबर को क्यों है?

इंदिरा एकादशी शनि 22 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 19:54 शुक्र से 17:46 तक।

एकादशी 17:46 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 22 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:02: शनि 22 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:54 शुक्र पर, उससे (04:26–06:02) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 23 सितंबर, 06:01–15:43

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 22 सितंबर 17:46 से रवि 23 सितंबर 15:43 तक है; हरिवासर 23:15 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 23 सितंबर को सूर्योदय (06:01) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:27 तक, करते हैं।

नियम

आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।