Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में इंदिरा एकादशी 1925 पारण समय 06:09–18:07, सोम 14 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में इंदिरा एकादशी 1925 कब है?
रविवार 13 सितंबर
आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 13 सितंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 14 सितंबर
इंदिरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 13 सितंबर
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06:10व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 14 सितंबर
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06:09–18:07पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में इंदिरा एकादशी रवि 13 सितंबर को क्यों है?
इंदिरा एकादशी रवि 13 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:58 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:58 शनि से 17:36 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 13 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:10: रवि 13 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:58 शनि पर, उससे (04:34–06:10) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 14 सितंबर, 06:09–18:07 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 13 सितंबर 17:36 से सोम 14 सितंबर 20:05 तक है; हरिवासर 00:13 पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 14 सितंबर को सूर्योदय (06:09) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:07) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:33 तक, करते हैं।
नियम
आश्विन कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · भाद्रपद कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।