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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में होलिका दहन 1958 होलिका दहन मुहूर्त 01:45⁠–⁠02:46 बुध, मंगल 4 मार्च

त्योहार · समय UTC−3 में

Ipameri में होलिका दहन 1958 कब है?

मंगलवार 4 मार्च

फाल्गुन पूर्णिमा

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में मंगल 4 मार्च का पूरा पंचांग

होलिका दहन मुहूर्त कब से कब तक?

होलिका दहन मुहूर्त
01:45–02:46 बुध
1 घं 1 मि

होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा पुच्छ, 01:45 बुध⁠–⁠02:46 बुध।

Tithika में खोलेंहोलिका दहन की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में होलिका दहन मंगल 4 मार्च को क्यों है?

होलिका दहन मंगल 4 मार्च को है, भद्रा पुच्छ में, 01:45 बुध–02:46 बुध।

होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा पुच्छ, 01:45 बुध⁠–⁠02:46 बुध।

प्रदोष काल में चतुर्दशी 19:09 तक; फिर पूर्णिमा। पूर्णिमा: 19:09 से 15:27 बुध तक।

पूर्णिमा 15:27 पर समाप्त; प्रदोष काल में प्रतिपदा।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा मंगल 4 मार्च को 19:09 से बुध 5 मार्च को 15:27 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (18:36–20:55) को छूती है। भद्रा 05:20 बुध तक, निशीथ काल के बाद तक, है, इसलिए धर्मसिंधु उसकी पूँछ, भद्रा पुच्छ, में विधि की अनुमति देता है। Tithika पुच्छ को 01:45 बुध–02:46 बुध पर रखता है, उसकी घटियों के अनुपात में: Tithika की परिपाटी।

नियम

फाल्गुन पूर्णिमा

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में पूर्णिमा हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन; भद्रा से बाहर, या भद्रा निशीथ काल के बाद तक रहे तो उसके पुच्छ में (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।