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Pāthardi, महाराष्ट्र में दीवाली 2037 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 18:25⁠–⁠20:25, शुक्र 6 नवंबर

महाराष्ट्र, भारत

त्योहार · समय IST में

Pāthardi में दीवाली 2037 कब है?

शुक्रवार 6 नवंबर

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Pāthardi में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांग

दीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:25–20:25
2 घं 0 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:53⁠–⁠20:25। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:25 से 20:25 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंदीवाली की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Pāthardi में दीवाली शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा शुक्र 6 नवंबर को है: अमावस्या किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:53⁠–⁠20:25। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:25 से 20:25 तक उदित रहता है।

प्रदोष काल में चतुर्दशी; अमावस्या 20:52 से। अमावस्या: 20:52 से 17:33 शनि तक।

अमावस्या 17:33 पर समाप्त; प्रदोष काल में प्रतिपदा। अमावस्या: 20:52 शुक्र से 17:33 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शुक्र 6 नवंबर को 20:52 से शनि 7 नवंबर को 17:33 तक है, दोनों शाम के प्रदोष काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शुक्र 6 नवंबर। हर मत यही दिन लेता है।

नियम

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
धर्मसिंधु
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।