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साटली, अज़रबैजान में दीवाली 2027 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 18:40⁠–⁠20:29, गुरु 28 अक्टूबर

त्योहार · समय UTC+4 में

साटली में दीवाली 2027 कब है?

गुरुवार 28 अक्टूबर

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

साटली में गुरु 28 अक्टूबर का पूरा पंचांग

दीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:40–20:29
1 घं 49 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:49⁠–⁠20:29। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:40 से 20:29 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंदीवाली की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

साटली में दीवाली गुरु 28 अक्टूबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 28 अक्टूबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:49⁠–⁠20:29। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:40 से 20:29 तक उदित रहता है।

प्रदोष काल में चतुर्दशी 19:18 तक; फिर अमावस्या। अमावस्या: 19:18 से 17:36 शुक्र तक।

अमावस्या 17:36 पर समाप्त; प्रदोष काल में प्रतिपदा। अमावस्या: 19:18 गुरु से 17:36 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या गुरु 28 अक्टूबर को 19:18 से शुक्र 29 अक्टूबर को 17:36 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के प्रदोष काल (17:49–20:29) को छूती है। हर मत यही दिन लेता है।

नियम

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
धर्मसिंधु
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।