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साटली, अज़रबैजान में दीवाली 2016 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 18:29⁠–⁠20:18, रवि 30 अक्टूबर

त्योहार · समय UTC+4 में

साटली में दीवाली 2016 कब है?

रविवार 30 अक्टूबर

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

साटली में रवि 30 अक्टूबर का पूरा पंचांग

दीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:29–20:18
1 घं 49 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:46⁠–⁠20:27। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:29 से 20:18 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंदीवाली की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

साटली में दीवाली रवि 30 अक्टूबर को क्यों है?

निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा रवि 30 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:46⁠–⁠20:27। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:29 से 20:18 तक उदित रहता है।

प्रदोष काल में चतुर्दशी 19:10 तक; फिर अमावस्या। अमावस्या: 19:10 से 21:38 रवि तक।

पूरे प्रदोष काल में अमावस्या, 17:46–20:27। अमावस्या: 19:10 शनि से 21:38 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शनि 29 अक्टूबर को 19:10 से रवि 30 अक्टूबर को 21:38 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: रवि 30 अक्टूबर। हर मत यही दिन लेता है।

नियम

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
धर्मसिंधु
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।