Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में दीवाली 2002 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 20:11–21:34 रवि, शनि 2 नवंबर
त्योहार · समय UTC−3 में
Ipameri में दीवाली 2002 कब है?
शनिवार 2 नवंबर
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
Ipameri में शनि 2 नवंबर का पूरा पंचांगदीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 19:19 रवि–21:34 रवि। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 20:11 रवि से 21:34 रवि तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, दीवाली 2002 के पेज पर:
Ipameri में दीवाली शनि 2 नवंबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 2 नवंबर को है: अमावस्या किसी भी शाम प्रदोष काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 19:19 रवि–21:34 रवि। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 20:11 रवि से 21:34 रवि तक उदित रहता है।
प्रदोष काल में चतुर्दशी; अमावस्या 22:13 रवि से। अमावस्या: 22:13 रवि से 18:34 सोम तक।
अमावस्या 18:34 पर समाप्त; प्रदोष काल में प्रतिपदा। अमावस्या: 22:13 रवि से 18:34 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शनि 2 नवंबर को 22:13 से सोम 4 नवंबर को 18:34 तक है, दोनों शाम के प्रदोष काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 2 नवंबर। हर मत यही दिन लेता है।
नियम
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
- धर्मसिंधु
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।