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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में दीवाली 1959 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 19:23⁠–⁠20:33, शनि 31 अक्टूबर

त्योहार · समय UTC−3 में

Ipameri में दीवाली 1959 कब है?

शनिवार 31 अक्टूबर

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शनि 31 अक्टूबर का पूरा पंचांग

दीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
19:23–20:33
1 घं 10 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:18⁠–⁠20:33। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:23 से 20:33 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंदीवाली की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में दीवाली शनि 31 अक्टूबर को क्यों है?

दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 31 अक्टूबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:18⁠–⁠20:33। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:23 से 20:33 तक उदित रहता है।

प्रदोष काल में चतुर्दशी; अमावस्या 22:58 से। अमावस्या: 22:58 से 19:41 शनि तक।

प्रदोष काल में अमावस्या केवल 19:41 तक; फिर प्रतिपदा। अमावस्या: 22:58 शुक्र से 19:41 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शुक्र 30 अक्टूबर को 22:58 से शनि 31 अक्टूबर को 19:41 तक है, इसलिए वह केवल शनिवार के प्रदोष काल (18:18–20:33) को छूती है। हर मत यही दिन लेता है।

नियम

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
धर्मसिंधु
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।