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Pāthardi, महाराष्ट्र में धनतेरस 2048 धनतेरस पूजा मुहूर्त 18:36⁠–⁠20:25, मंगल 3 नवंबर

महाराष्ट्र, भारत

त्योहार · समय IST में

Pāthardi में धनतेरस 2048 कब है?

मंगलवार 3 नवंबर

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Pāthardi में मंगल 3 नवंबर का पूरा पंचांग

धनतेरस पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

धनतेरस पूजा मुहूर्त
18:36–20:25
1 घं 49 मि · Tithika की परिपाटी

धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:54⁠–⁠20:25। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:36 से 20:25 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंधनतेरस की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Pāthardi में धनतेरस मंगल 3 नवंबर को क्यों है?

धनतेरस मंगल 3 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:54⁠–⁠20:25। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:36 से 20:25 तक उदित रहता है।

पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:54–20:25। त्रयोदशी: 17:06 से 15:18 बुध तक।

त्रयोदशी 15:18 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी। त्रयोदशी: 17:06 मंगल से 15:18 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 3 नवंबर को 17:06 से बुध 4 नवंबर को 15:18 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:54–20:25) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

नियम

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)

धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।