साटली, अज़रबैजान में धनतेरस 2039 धनतेरस पूजा मुहूर्त 17:38–19:27, रवि 13 नवंबर
त्योहार · समय UTC+4 में
साटली में धनतेरस 2039 कब है?
रविवार 13 नवंबर
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
साटली में रवि 13 नवंबर का पूरा पंचांगधनतेरस पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:32–20:19। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:38 से 19:27 तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, धनतेरस 2039 के पेज पर:
साटली में धनतेरस रवि 13 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस रवि 13 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:32–20:19। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:38 से 19:27 तक उदित रहता है।
प्रदोष काल में द्वादशी 18:16 तक; फिर त्रयोदशी। त्रयोदशी: 18:16 से 15:53 सोम तक।
त्रयोदशी 15:53 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी। त्रयोदशी: 18:16 रवि से 15:53 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 13 नवंबर को 18:16 से सोम 14 नवंबर को 15:53 तक है, इसलिए वह केवल रविवार के प्रदोष काल (17:32–20:19) को छूती है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।