Pāthardi, महाराष्ट्र में धनतेरस 1934 धनतेरस पूजा मुहूर्त 18:32–20:26, रवि 4 नवंबर
महाराष्ट्र, भारत
त्योहार · समय IST में
Pāthardi में धनतेरस 1934 कब है?
रविवार 4 नवंबर
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
Pāthardi में रवि 4 नवंबर का पूरा पंचांगधनतेरस पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:54–20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:32 से 20:26 तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, धनतेरस 1934 के पेज पर:
Pāthardi में धनतेरस रवि 4 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस रवि 4 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:54–20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:32 से 20:26 तक उदित रहता है।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:54–20:26। त्रयोदशी: 10:56 से 11:20 सोम तक।
त्रयोदशी 11:20 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 4 नवंबर को 10:56 से सोम 5 नवंबर को 11:20 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (17:54–20:26) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।