Pāthardi, महाराष्ट्र में धनतेरस 1918 धनतेरस पूजा मुहूर्त 18:43–20:26, शुक्र 1 नवंबर
महाराष्ट्र, भारत
त्योहार · समय IST में
Pāthardi में धनतेरस 1918 कब है?
शुक्रवार 1 नवंबर
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
Pāthardi में शुक्र 1 नवंबर का पूरा पंचांगधनतेरस पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:56–20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:43 से 20:26 तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, धनतेरस 1918 के पेज पर:
Pāthardi में धनतेरस शुक्र 1 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस शुक्र 1 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:56–20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:43 से 20:26 तक उदित रहता है।
प्रदोष काल में द्वादशी 18:54 तक; फिर त्रयोदशी। त्रयोदशी: 18:54 से 21:27 शुक्र तक।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:56–20:26। त्रयोदशी: 18:54 गुरु से 21:27 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 31 अक्टूबर को 18:54 से शुक्र 1 नवंबर को 21:27 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: शुक्र 1 नवंबर। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (अमान्त)
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।