Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 2095 पारण समय 06:44–08:04, गुरु 14 जुलाई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में देवशयनी एकादशी 2095 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 14 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 13 जुलाई
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06:44व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 14 जुलाई
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06:44–08:04पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में देवशयनी एकादशी बुध 13 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी बुध 13 जुलाई को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 06:22 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:22 से 07:33 बुध तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:22 मंगल से 07:33 तक।
द्वादशी: 07:33 बुध से 08:04 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 12 जुलाई को 06:44 और बुध 13 जुलाई को 06:44। एकादशी (मंगल 12 जुलाई 06:22 से बुध 13 जुलाई 07:33 तक) और द्वादशी (बुध 13 जुलाई 07:33 से गुरु 14 जुलाई 08:04 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 13 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: मंगल 12 जुलाई को दशमी 06:22 तक है, उसके भीतर (05:08–06:44); बुध 13 जुलाई को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 14 जुलाई, 06:44–08:04
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 13 जुलाई 07:33 से गुरु 14 जुलाई 08:04 तक है; हरिवासर 13:41 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 14 जुलाई को सूर्योदय (06:44) से होता है।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।