दिफ्फा, नाइजर में देवशयनी एकादशी 2031 पारण समय 05:46–06:42, बुध 2 जुलाई
व्रत · समय WAT में
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी 2031 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 2 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 1 जुलाई
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05:46व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 2 जुलाई
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05:46–06:42पारण समयव्रत खोलने का समय
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी मंगल 1 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी मंगल 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:26 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:26 सोम से 09:24 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 1 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:46: मंगल 1 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:26 सोम पर, उससे (04:10–05:46) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 2 जुलाई, 05:46–06:42
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 1 जुलाई 09:24 से बुध 2 जुलाई 06:42 तक है; हरिवासर 14:43 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 2 जुलाई को सूर्योदय (05:46) से होता है।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।