दिफ्फा, नाइजर में देवशयनी एकादशी 2029 पारण समय 05:52–17:59, रवि 22 जुलाई
व्रत · समय WAT में
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी 2029 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 22 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 21 जुलाई
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05:52व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 22 जुलाई
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05:52–17:59पारण समयव्रत खोलने का समय
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी शनि 21 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी शनि 21 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 21:43 शुक्र से 19:45 तक।
एकादशी 19:45 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 21 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:52: शनि 21 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 21:43 शुक्र पर, उससे (04:16–05:52) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 22 जुलाई, 05:52–17:59
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 21 जुलाई 19:45 से रवि 22 जुलाई 17:59 तक है; हरिवासर 01:18 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 22 जुलाई को सूर्योदय (05:52) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:25 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।