Pāthardi, महाराष्ट्र में देवशयनी एकादशी 2028 पारण समय 05:55–19:11, सोम 3 जुलाई
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में देवशयनी एकादशी 2028 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 3 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 2 जुलाई
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05:55व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 3 जुलाई
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05:55–19:11पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Pāthardi में देवशयनी एकादशी रवि 2 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी रवि 2 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 01:14 से 00:04 सोम तक।
एकादशी 00:04 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 2 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:55: रवि 2 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 01:14 पर, उससे (04:19–05:55) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 3 जुलाई, 05:55–19:11 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 3 जुलाई 00:04 से सोम 3 जुलाई 23:17 तक है; हरिवासर 05:52 पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 3 जुलाई को सूर्योदय (05:55) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:11) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:34 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।