Thazhecode, केरल में देवशयनी एकादशी 2025 पारण समय 06:08–18:53, सोम 7 जुलाई
केरल, भारत
व्रत · समय IST में
Thazhecode में देवशयनी एकादशी 2025 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 7 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 6 जुलाई
-
06:07व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 7 जुलाई
-
06:08–18:53पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Thazhecode में देवशयनी एकादशी रवि 6 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी रवि 6 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 18:59 शनि से 21:15 तक।
एकादशी 21:15 रवि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 6 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:07: रवि 6 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 18:59 शनि पर, उससे (04:31–06:07) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 7 जुलाई, 06:08–18:53 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 6 जुलाई 21:15 से सोम 7 जुलाई 23:10 तक है; हरिवासर 03:44 पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 7 जुलाई को सूर्योदय (06:08) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:53) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:41 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।