Pāthardi, महाराष्ट्र में देवशयनी एकादशी 2024 पारण समय 06:00–19:09, गुरु 18 जुलाई
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में देवशयनी एकादशी 2024 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 18 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 17 जुलाई
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06:00व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 18 जुलाई
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06:00–19:09पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Pāthardi में देवशयनी एकादशी बुध 17 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी बुध 17 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:34 मंगल से 21:03 तक।
एकादशी 21:03 बुध पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 17 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:00: बुध 17 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:34 मंगल पर, उससे (04:24–06:00) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 18 जुलाई, 06:00–19:09 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 17 जुलाई 21:03 से गुरु 18 जुलाई 20:44 तक है; हरिवासर 02:58 पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 18 जुलाई को सूर्योदय (06:00) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:09) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:38 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।