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दिफ्फा, नाइजर में देवशयनी एकादशी 2024 पारण समय 05:51⁠–⁠16:14, गुरु 18 जुलाई

व्रत · समय WAT में

दिफ्फा में देवशयनी एकादशी 2024 कब है?

बुधवार 17 जुलाई

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

दिफ्फा में बुध 17 जुलाई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

गुरुवार 18 जुलाई

पारण समय
05:51–16:14
10 घं 23 मि

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • बुधवार 17 जुलाई
  • 05:51व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 18 जुलाई
  • 05:51–16:14पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

दिफ्फा में देवशयनी एकादशी बुध 17 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी बुध 17 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:04 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:04 मंगल से 16:33 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 17 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:51: बुध 17 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:04 मंगल पर, उससे (04:15–05:51) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · गुरु 18 जुलाई, 05:51–16:14

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 17 जुलाई 16:33 से गुरु 18 जुलाई 16:14 तक है; हरिवासर 22:28 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 18 जुलाई को सूर्योदय (05:51) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:25 तक, करते हैं।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।