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Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस में देवशयनी एकादशी 2023 गुरु 29 जून या शुक्र 30 जून

व्रत · समय PST में

Codcod में देवशयनी एकादशी 2023 कब है?

स्मार्त

गुरुवार 29 जून

वैष्णव

शुक्रवार 30 जून

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

Codcod में गुरु 29 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · शुक्रवार 30 जून

पारण समय
10:51–18:12
7 घं 21 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · शनिवार 1 जुलाई

पारण समय
05:29–18:12
12 घं 43 मि · Tithika की परिपाटी

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • गुरुवार 29 जून
  • 05:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 30 जून
  • 10:51–18:12पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • शुक्रवार 30 जून
  • 05:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शनिवार 1 जुलाई
  • 05:29–18:12पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Codcod में देवशयनी एकादशी गुरु 29 जून या शुक्र 30 जून को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में देवशयनी एकादशी गुरु 29 जून को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 30 जून को व्रत रखते हैं।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 05:49 से। एकादशी: 05:49 से 05:12 शुक्र तक।

अरुणोदय में एकादशी केवल 05:12 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 05:49 गुरु से 05:12 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 29 जून को 05:49 पर, उस सूर्योदय (05:28) के बाद, लगती है और शुक्र 30 जून को 05:12 पर, अगले सूर्योदय (05:28 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 29 जून।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। गुरु 29 जून को अरुणोदय (03:52–05:28) में दशमी है। शुक्र 30 जून को उसमें दशमी नहीं (एकादशी 05:12 तक, फिर द्वादशी): शुक्र 30 जून।

व्रत का पारण

स्मार्त · शुक्र 30 जून, 10:51–18:12 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 30 जून 05:12 से शनि 1 जुलाई 03:47 तक है; हरिवासर 10:51 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:12) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:01 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

वैष्णव · शनि 1 जुलाई, 05:29–18:12 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी शनि 1 जुलाई को 03:47 पर, रात में, अरुणोदय (03:53) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (05:29) से सूर्यास्त (18:12) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।