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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 2001 पारण समय 06:44⁠–⁠08:57, सोम 2 जुलाई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में देवशयनी एकादशी 2001 कब है?

रविवार 1 जुलाई

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 1 जुलाई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 2 जुलाई

पारण समय
06:44–08:57
2 घं 13 मि

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 1 जुलाई
  • 06:44व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 2 जुलाई
  • 06:44–08:57पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवशयनी एकादशी रवि 1 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी रवि 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:13 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:13 शनि से 08:50 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 1 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:44: रवि 1 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:13 शनि पर, उससे (05:08–06:44) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 2 जुलाई, 06:44–08:57

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 1 जुलाई 08:50 से सोम 2 जुलाई 08:57 तक है; हरिवासर 14:52 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 2 जुलाई को सूर्योदय (06:44) से होता है।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।