Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1947 पारण समय 06:43–17:48, रवि 29 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में देवशयनी एकादशी 1947 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 29 जून
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 28 जून
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06:43व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 29 जून
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06:43–17:48पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में देवशयनी एकादशी शनि 28 जून को क्यों है?
देवशयनी एकादशी शनि 28 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 21:48 शुक्र से 23:04 तक।
एकादशी 23:04 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 28 जून को सूर्योदय पर है, 06:43: शनि 28 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 21:48 शुक्र पर, उससे (05:07–06:43) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 29 जून, 06:43–17:48 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 28 जून 23:04 से सोम 30 जून 00:48 तक है; हरिवासर 05:30 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 29 जून को सूर्योदय (06:43) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:48) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:56 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।