Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1940 पारण समय 06:43–08:22, मंगल 16 जुलाई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में देवशयनी एकादशी 1940 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 16 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 15 जुलाई
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06:43व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 16 जुलाई
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06:43–08:22पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में देवशयनी एकादशी सोम 15 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी सोम 15 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:01 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:01 रवि से 09:34 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 15 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:43: सोम 15 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:01 रवि पर, उससे (05:07–06:43) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 16 जुलाई, 06:43–08:22
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 15 जुलाई 09:34 से मंगल 16 जुलाई 08:22 तक है; हरिवासर 15:16 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 16 जुलाई को सूर्योदय (06:43) से होता है।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।