tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1914 पारण समय 06:44⁠–⁠17:24, शनि 4 जुलाई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में देवशयनी एकादशी 1914 कब है?

शुक्रवार 3 जुलाई

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शुक्र 3 जुलाई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शनिवार 4 जुलाई

पारण समय
06:44–17:24
10 घं 40 मि

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शुक्रवार 3 जुलाई
  • 06:44व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शनिवार 4 जुलाई
  • 06:44–17:24पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवशयनी एकादशी शुक्र 3 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी शुक्र 3 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 22:31 गुरु से 19:57 तक।

एकादशी 19:57 शुक्र पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 3 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:44: शुक्र 3 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:31 गुरु पर, उससे (05:08–06:44) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शनि 4 जुलाई, 06:44–17:24

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 3 जुलाई 19:57 से शनि 4 जुलाई 17:24 तक है; हरिवासर 01:19 पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 4 जुलाई को सूर्योदय (06:44) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:57 तक, करते हैं।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।