Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 2062 पारण समय 06:37–17:31, रवि 4 जून
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अपरा एकादशी 2062 कब है?
शनिवार 3 जून
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 3 जून का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 4 जून
अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 3 जून
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06:37व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 4 जून
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06:37–17:31पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में अपरा एकादशी शनि 3 जून को क्यों है?
अपरा एकादशी शनि 3 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:33 शुक्र से 19:26 तक।
एकादशी 19:26 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 3 जून को सूर्योदय पर है, 06:37: शनि 3 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:33 शुक्र पर, उससे (05:01–06:37) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 4 जून, 06:37–17:31
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 3 जून 19:26 से रवि 4 जून 17:31 तक है; हरिवासर 00:57 पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 4 जून को सूर्योदय (06:37) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:51 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।