Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 2055 पारण समय 11:28–17:45, शनि 22 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अपरा एकादशी 2055 कब है?
शुक्रवार 21 मई
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शुक्र 21 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 22 मई
अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 21 मई
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06:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 22 मई
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11:28–17:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में अपरा एकादशी शुक्र 21 मई को क्यों है?
अपरा एकादशी शुक्र 21 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 02:39 से 04:59 शनि तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 04:59 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 02:39 शुक्र से 04:59 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 21 मई को सूर्योदय पर है, 06:32: शुक्र 21 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:39 पर, उससे (04:56–06:32) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 22 मई, 11:28–17:45 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 22 मई 04:59 से रवि 23 मई 06:57 तक है; हरिवासर 11:28 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:45) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:47 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।