Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 2003 पारण समय 06:34–17:45, मंगल 27 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अपरा एकादशी 2003 कब है?
सोमवार 26 मई
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 26 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 27 मई
अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 26 मई
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06:34व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 27 मई
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06:34–17:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में अपरा एकादशी सोम 26 मई को क्यों है?
अपरा एकादशी सोम 26 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:02 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:02 रवि से 15:19 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 26 मई को सूर्योदय पर है, 06:34: सोम 26 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:02 रवि पर, उससे (04:58–06:34) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 27 मई, 06:34–17:45 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 26 मई 15:19 से मंगल 27 मई 17:51 तक है; हरिवासर 21:57 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 27 मई को सूर्योदय (06:34) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:45) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:48 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।