Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 1944 पारण समय 06:31–09:28, शुक्र 19 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अपरा एकादशी 1944 कब है?
गुरुवार 18 मई
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 18 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 19 मई
अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 18 मई
-
06:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 19 मई
-
06:31–09:28पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में अपरा एकादशी गुरु 18 मई को क्यों है?
अपरा एकादशी गुरु 18 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:27 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:27 बुध से 11:57 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 18 मई को सूर्योदय पर है, 06:31: गुरु 18 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:27 बुध पर, उससे (04:55–06:31) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 19 मई, 06:31–09:28
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 18 मई 11:57 से शुक्र 19 मई 09:28 तक है; हरिवासर 17:20 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 19 मई को सूर्योदय (06:31) से होता है।
नियम
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।