Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 1908 पारण समय 08:29–17:45, मंगल 26 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अपरा एकादशी 1908 कब है?
सोमवार 25 मई
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 25 मई का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 26 मई
अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 25 मई
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06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 26 मई
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08:29–17:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में अपरा एकादशी सोम 25 मई को क्यों है?
अपरा एकादशी सोम 25 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:16 से 02:41 मंगल तक।
एकादशी 02:41 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 04:16 सोम से 02:41 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 25 मई को सूर्योदय पर है, 06:27: सोम 25 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 04:16 पर, उससे (04:51–06:27) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 26 मई, 08:29–17:45 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 26 मई 02:41 से बुध 27 मई 01:26 तक है; हरिवासर 08:22 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:38) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:41 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।