Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में आमलकी एकादशी 1908 पारण समय 06:15–17:47, शनि 14 मार्च
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में आमलकी एकादशी 1908 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 14 मार्च
आमलकी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 13 मार्च
-
06:15व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 14 मार्च
-
06:15–17:47पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में आमलकी एकादशी शुक्र 13 मार्च को क्यों है?
आमलकी एकादशी शुक्र 13 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:23 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:23 गुरु से 15:05 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 13 मार्च को सूर्योदय पर है, 06:08: शुक्र 13 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:23 गुरु पर, उससे (04:32–06:08) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 14 मार्च, 06:15–17:47
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 13 मार्च 15:05 से शनि 14 मार्च 17:41 तक है; हरिवासर 21:44 शुक्र पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 14 मार्च को सूर्योदय (06:08) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:35 तक, करते हैं।
नियम
फाल्गुन शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।