Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अजा एकादशी 2096 पारण समय 06:31–18:03, बुध 15 अगस्त
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अजा एकादशी 2096 कब है?
मंगलवार 14 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में मंगल 14 अगस्त का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 15 अगस्त
अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 14 अगस्त
-
06:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 15 अगस्त
-
06:31–18:03पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में अजा एकादशी मंगल 14 अगस्त को क्यों है?
अजा एकादशी मंगल 14 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:42 से। एकादशी: 08:42 से 06:36 मंगल तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:42 सोम से 06:36 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 14 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:32: मंगल 14 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:42 सोम पर, उससे (04:56–06:32) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 15 अगस्त, 06:31–18:03 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी बुध 15 अगस्त को 04:36 पर, रात में, अरुणोदय (04:55) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:31) से सूर्यास्त (18:03) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।