Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अजा एकादशी 2067 पारण समय 12:19–18:06, रवि 4 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अजा एकादशी 2067 कब है?
शनिवार 3 सितंबर
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 3 सितंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 4 सितंबर
अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 3 सितंबर
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06:18व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 4 सितंबर
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12:19–18:06पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में अजा एकादशी शनि 3 सितंबर को क्यों है?
अजा एकादशी शनि 3 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:16 से 05:41 रवि तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 05:41 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 03:16 शनि से 05:41 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 3 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:18: शनि 3 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:16 पर, उससे (04:42–06:18) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 4 सितंबर, 12:19–18:06 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 4 सितंबर 05:41 से सोम 5 सितंबर 08:13 तक है; हरिवासर 12:19 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:06) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:39 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।