Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अजा एकादशी 2043 पारण समय 06:20–13:07, सोम 31 अगस्त
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में अजा एकादशी 2043 कब है?
रविवार 30 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 30 अगस्त का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 31 अगस्त
अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 30 अगस्त
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06:21व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 31 अगस्त
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06:20–13:07पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में अजा एकादशी रवि 30 अगस्त को क्यों है?
अजा एकादशी रवि 30 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:44 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:44 शनि से 14:48 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 30 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:21: रवि 30 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:44 शनि पर, उससे (04:45–06:21) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 31 अगस्त, 06:20–13:07
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 30 अगस्त 14:48 से सोम 31 अगस्त 13:07 तक है; हरिवासर 20:23 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 31 अगस्त को सूर्योदय (06:20) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:41 तक, करते हैं।
नियम
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।