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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में अजा एकादशी 2023 पारण समय 06:36⁠–⁠19:16, सोम 11 सितंबर

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में अजा एकादशी 2023 कब है?

रविवार 10 सितंबर

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Sevan में रवि 10 सितंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 11 सितंबर

पारण समय
06:36–19:16
12 घं 40 मि · Tithika की परिपाटी

अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 10 सितंबर
  • 06:35व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 11 सितंबर
  • 06:36–19:16पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंअजा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में अजा एकादशी रवि 10 सितंबर को क्यों है?

अजा एकादशी रवि 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 17:48 शनि से 19:58 तक।

एकादशी 19:58 रवि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 10 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:35: रवि 10 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 17:48 शनि पर, उससे (04:59–06:35) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 11 सितंबर, 06:36–19:16 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 10 सितंबर 19:58 से सोम 11 सितंबर 22:22 तक है; हरिवासर 02:34 पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 11 सितंबर को सूर्योदय (06:36) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:16) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:08 तक, करते हैं।

नियम

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।