tithika
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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अजा एकादशी 2020 शुक्र 14 अगस्त या शनि 15 अगस्त

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में अजा एकादशी 2020 कब है?

स्मार्त

शुक्रवार 14 अगस्त

वैष्णव

शनिवार 15 अगस्त

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

Ipameri में शुक्र 14 अगस्त का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · शनिवार 15 अगस्त

पारण समय
11:43–18:02
6 घं 19 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · रविवार 16 अगस्त

पारण समय
04:55–05:21
26 मि · Tithika की परिपाटी

अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • शुक्रवार 14 अगस्त
  • 06:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शनिवार 15 अगस्त
  • 11:43–18:02पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • शनिवार 15 अगस्त
  • 06:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 16 अगस्त
  • 04:55–05:21पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंअजा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में अजा एकादशी शुक्र 14 अगस्त या शनि 15 अगस्त को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में अजा एकादशी शुक्र 14 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शनि 15 अगस्त को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:32 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:32 से 05:50 शनि तक।

अरुणोदय में एकादशी केवल 05:50 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 05:32 शुक्र से 05:50 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 14 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:32: शुक्र 14 अगस्त।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। शुक्र 14 अगस्त को दशमी 05:32 तक है, अरुणोदय (04:56–06:32) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 05:50 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव शनि 15 अगस्त को व्रत रखते हैं: शनि 15 अगस्त।

व्रत का पारण

स्मार्त · शनि 15 अगस्त, 11:43–18:02 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 15 अगस्त 05:50 से रवि 16 अगस्त 05:21 तक है; हरिवासर 11:43 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:02) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:49 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

वैष्णव · रवि 16 अगस्त, 04:55–05:21 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी रवि 16 अगस्त को 05:21 पर, अरुणोदय (04:55) लगने के बाद और सूर्योदय (06:31) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।