tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में अजा एकादशी 2019 सोम 26 अगस्त या मंगल 27 अगस्त

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में अजा एकादशी 2019 कब है?

स्मार्त

सोमवार 26 अगस्त

वैष्णव

मंगलवार 27 अगस्त

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

Sevan में सोम 26 अगस्त का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

स्मार्त · मंगलवार 27 अगस्त

पारण समय
09:01–19:40
10 घं 39 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · बुधवार 28 अगस्त

पारण समय
06:22–19:39
13 घं 17 मि · Tithika की परिपाटी

अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण

स्मार्त

  • सोमवार 26 अगस्त
  • 06:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • मंगलवार 27 अगस्त
  • 09:01–19:40पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी

वैष्णव

  • मंगलवार 27 अगस्त
  • 06:21व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 28 अगस्त
  • 06:22–19:39पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंअजा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में अजा एकादशी सोम 26 अगस्त या मंगल 27 अगस्त को क्यों है?

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में अजा एकादशी सोम 26 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव मंगल 27 अगस्त को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:32 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:32 से 03:39 मंगल तक।

एकादशी 03:39 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 05:32 सोम से 03:39 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 26 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:20: सोम 26 अगस्त।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। सोम 26 अगस्त को दशमी 05:32 तक है, अरुणोदय (04:44–06:20) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 03:39 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव मंगल 27 अगस्त को व्रत रखते हैं: मंगल 27 अगस्त।

व्रत का पारण

स्मार्त · मंगल 27 अगस्त, 09:01–19:40 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 27 अगस्त 03:39 से बुध 28 अगस्त 01:06 तक है; हरिवासर 09:01 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:40) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:01 तक, करते हैं।

वैष्णव · बुध 28 अगस्त, 06:22–19:39 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी बुध 28 अगस्त को 01:06 पर, रात में, अरुणोदय (04:46) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:22) से सूर्यास्त (19:39) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।