tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में अजा एकादशी 2015 पारण समय 08:59⁠–⁠19:19, बुध 9 सितंबर

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में अजा एकादशी 2015 कब है?

मंगलवार 8 सितंबर

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Sevan में मंगल 8 सितंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

बुधवार 9 सितंबर

पारण समय
08:59–19:19
10 घं 20 मि · Tithika की परिपाटी

अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • मंगलवार 8 सितंबर
  • 06:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 9 सितंबर
  • 08:59–19:19पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंअजा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में अजा एकादशी मंगल 8 सितंबर को क्यों है?

अजा एकादशी मंगल 8 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 01:40 से 02:37 बुध तक।

एकादशी 02:37 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 01:40 मंगल से 02:37 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 8 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:33: मंगल 8 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 01:40 पर, उससे (04:57–06:33) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · बुध 9 सितंबर, 08:59–19:19 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 9 सितंबर 02:37 से गुरु 10 सितंबर 04:05 तक है; हरिवासर 08:59 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:19) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:07 तक, करते हैं।

नियम

भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।