अजा एकादशी 2027 शनि 28 अगस्त
नई दिल्ली में पारण समय: रवि 29 अगस्त, 05:57–09:36 IST
व्रत · 30 शहर, हर शहर अपने सूर्योदय और सूर्यास्त पर, अपने समय में
अजा एकादशी 2027 कब है?
शनिवार 28 अगस्त
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 29 अगस्त
अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण
नई दिल्ली · IST
- शनिवार 28 अगस्त
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05:57व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 29 अगस्त
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05:57–09:36पारण समयव्रत खोलने का समय
30 शहरों में अजा एकादशी
हर शहर का समय उसके अपने ज़ोन में।
भारत
नेपाल
खाड़ी देश
दक्षिण-पूर्व एशिया
कोई और स्थान?
उस स्थान का अजा एकादशी 2027 खुलेगा
राज्य और देश के अनुसार अजा एकादशी 2027
हर एक पर वहाँ की अजा एकादशी 2027: तारीख़ और हर शहर का पारण समय।
भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
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देश
अजा एकादशी शनि 28 अगस्त को क्यों है?
नई दिल्ली में
अजा एकादशी शनि 28 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 15:25 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 15:25 शुक्र से 12:42 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 28 अगस्त को सूर्योदय पर है, 05:57: शनि 28 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 15:25 शुक्र पर, उससे (04:21–05:57) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 29 अगस्त, 05:57–09:36
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 28 अगस्त 12:42 से रवि 29 अगस्त 09:36 तक है; हरिवासर 17:56 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 29 अगस्त को सूर्योदय (05:57) से होता है।
नियम
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।
हर शहर की तारीख़ और समय उसके अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए हैं; हर शहर का पेज कारण चित्र में दिखाता है।